आपकी एम॰आर॰पी (M.R.P) क्या है?

Facebooktwittergoogle_pluslinkedintumblrby feather

आपकी एम॰आर॰पी (M.R.P) क्या है?

मैं अक्सर सोचता हूँ कि ईश्वर ने इंसान को M.R.P (Maximum Retail Price) के साथ क्यों नहीं, पैदा किया। यदि शिशु अपने शरीर पर छपा हुआ M.R.P लेकर पैदा होते तो इन अद्भुत स्थितियों की कल्पना कीजिये।

जैसे ही शिशु कोख से बाहर आता तो डॉक्टर और नर्स लिंग देखने की बजाय पहले M.R.P देखते। यदि M.R.P कम छपा होता तो माता-पिता के लिये अफसोस करते। यदि M.R.P जोरदार होता तो आपरेशन थियेटर से बधाइयाँ देते हुये बाहर आते।

माता-पिता मंदिरों में बेटा या बेटी की दुआ माँगने के साथ ज्यादा M.R.P वाले बच्चे के लिये दुआ माँगते। बच्चा होने के पहले यज्ञ व पूजा कराते ताकि बच्चा ज्यादा M.R.P वाला पैदा हो और पंडितों का भी धंधा चल निकलता।

धनी यह सोचकर परेशान रहते कि उनके यहाँ उनके आर्थिक स्तर या उससे तगड़े M.R.P वाला बच्चा पैदा होगा या नहीं। यदि कम M.R.P वाला बच्चा पैदा हो जाता तो वे यह मानकर चलते कि कपूत हुआ है, और यह सारी संपत्ति डुबायेगा। गरीब के यहाँ ज्यादा M.R.P वाला पैदा हो जाता तो उसको भाव ना देने वाले रिश्तेदार भी भाव देते क्योंकि उन्हें मालूम होता कि आगे ये रईस बनने वाला है।

यदि आश्चर्यजनक रूप से ज्यादा M.R.P वाला बच्चा पैदा हो जाता जिसकी आगे चलकर बिल गेट्स या रतन टाटा बनने की संभावना होती तो उसके लिये विश्व स्तर पर बोलियाँ लगनी शुरू हो जातीं। कितने सारे उद्योग खड़े हो जाते, कितनी असीम संभावनाएँ होतीं।

दुनिया में सफलता और असफलता जैसे शब्द बेमानी हो जाते क्योंकि सबको मालूम होता कि उनका फाइनल एम आर पी क्या है। अमीर माता-पिता अपनी लड़कियों की ज्यादा M.R.P वाले लड़कों से शादी करते ताकि भविष्य में कोई आर्थिक असुरक्षा ना रहे।

लेकिन ईश्वर ने ऐसा नहीं किया। ईश्वर ने हर इंसान को बिना M.R.P के पैदा किया। सोचने, समझने और सपनों को पूरा करने की अथाह शक्ति दी। यह सब उसने इसलिए किया ताकि हर इंसान जीवन में अंतिम क्षण तक श्रेष्ठता और तरक्की की राह पर चलता रहे और सारी उम्मीदें जिंदा रहे। ईश्वर ने यह इसलिए किया ताकि,

दुनिया का हर इंसान अपनी M.R.P खुद तय करे।

साथियों, ऊपर वाले ने आपको आजाद छोड़ा है ताकि आप अपना भविष्य खुद लिख सकें। शायद इसीलिये इस दुनिया में कालेज फेल युवक Bill Gates बन जाता है, पेट्रोल भरने वाला Dhiru Bhai Ambani बन जाता है, टैक्सी चलाने वाला आस्कर विजेता A. R Rahman बन जाता है, शोषित Oprah Winfrey की सबसे धनी महिला बन जाती है, गरीब का बेटा Abraham Lincoln अमेरिका का राष्ट्रपति बन जाता है और एक  चाय  वाला  भारत  का Prime Minister Narendra Modi बन  जाता है । यह सब इसलिये हुआ क्योंकि ऊपर वाले ने हम सबको बिना भेदभाव के पैदा किया। मैं अपने कार्पोरेट सेमिनार में लोगों से कहता हूं कि अपनी M.R.P तय करके मुझे अभी बताइए। मुझे अक्सर यह देखकर अफसोस होता है कि मानसिक बंधनों की वजह से लोग स्वयं सही मूल्य भी नहीं आंक पाते इसलिये बंधनों को तोड़ दीजिये और अपनी M.R.P खुद तय कीजिए।

पावर थिंकिंग का अर्थ है – हर वक्त स्वयं को यह एहसास दिलाना कि आप एक महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं और ईष्वर ने आपको किसी खास मकसद से इस संसार में भेजा है।

पावर थिंकिंग कृति से साभार

यदि आपको लगता है कि आपकी सही कीमत दुनिया नहीं आँक रही है तो हिम्मत मत हारिये। थोड़ा रूकिये, ज्यादा उपलब्धियाँ हासिल कीजिए, श्रेष्ठता हासिल कीजिये, दुनिया तक अपनी उपलब्धियों व क्षमताओं को पहुँचाइये। जब तक दुनिया आपकी काबिलियत को स्वीकार नहीं करती तब तक आप उसे मानसिक रूप से ताकतवर बनाकर कार्य करते रहिये। इसलिए आज से

  • स्वयं के बारे में बड़ा सोचें और बड़े सपने देखें।
  • नअपनी लक्ष्य तय करें और यकीन करें कि आप उसके अधिकारी हैं। अपनी क्षमताओं को सीमाओं में ना बांधे।

Purchase Books to boost your knowledge written by Dr. Ujjawal Patni : 

डॉ. उज्जवल पाटनी

 

Facebooktwittergoogle_pluslinkedintumblrby feather

Admin

Vijay Ray is an Entrepreneur, Author, Public & Motivational Speaker. He Believes "Motivation" is basic need of Success & Every one should keep life on LEARNING mode always.

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *